सवाई माधोपुर. रणथंभौर में इलाके (टेरेटरी) को लेकर बाघों का 'रण'थम नहीं रहा। सोमवार सुबह दो बाघ टी-57 और टी-58 भिड़ गए। काफी देर तक हुए मुकाबले में दोनों बाघ घायल हो गए और फिर पीछे हट गए। हालांकि, दावा यह भी किया जा रहा है कि बाघिन नूर टी-39 को लेकर दोनों बाघ भिड़े। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की की उम्र लगभग 9 साल है, ऐसे में यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं मानी जा सकती है। विभाग के अधिकारी दोनों बाघों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
अधिपत्य को लेकर 4 बार बाघ आमने-सामने आ चुके हैं
रणथंभौर में इस साल 10 माह में इलाके पर अधिपत्य को लेकर 4 बार बाघ आमने-सामने आ चुके हैं। इन संघर्ष में दो बाघ की मौत हो चुकी है। जबकि तीन घायल हुए। सोमवार को हुआ यह संघर्ष सोलेश्वर महादेव के पास हुआ। यह एरिया जोन नंबर 6 में आता है और यह बाघ टी-57 का इलाका है। बाघ टी-58 का इलाका जोन नंबर 7 व 8 है।
इलाके में घुसपैठ के कारण यह टकराव हुआ: वन अधिकारी
एसीएफ संजीव शर्मा ने बताया कि दोनों बाघों का इलाका एकदम अलग है। सामान्य रूप से ये एक दूसरे के इलाके में नहीं जाते हैं, लेकिन एक-दूसरे के इलाके में घुसपैठ के कारण यह टकराव हुआ। इस प्रकार की घटना बाघों एवं रणथंभौर की दुनिया में आम बात है। सुबह की पारी में पर्यटक को वन भ्रमण पर ले जाया गया तो ये दोनों बाघ लड़ते हुए दिखाई दिए।