तलाश / 45 फीट खुदाई के बाद भी बोरवेल में नहीं मिली लाश

जयपुर. वीकेआई इलाके में 16 दिन पहले लापता हुए युवक की हत्या करके शव को मनोहरपुर टोल के पास बोरवेल के गड्ढे में डालने की सूचना के मामले में दूसरे दिन भी पुलिस को कुछ नहीं मिला। अभी तक करीब 45 फीट तक खुदाई कर दी। 



बोरवेल के गड्ढे की गहराई करीब 100 फीट से ज्यादा बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस ने गहरी खुदाई के लिए जयपुर से दो एलएनटी मशीनें ओर मंगवाई है। मौके पर पुलिस, सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ की टीमें मौजूद है। गौरतलब है कि सोमवार को पुलिस के पास एक मुखबिर से सूचना मिली कि 15 दिन पहले लापता हुए बड़ागांव भाटिया निवासी कानाराम उर्फ राहुल सेन 30 की किसी ने हत्या करके शव बोरवेल के गड्ढे में डाला है।


उक्त सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उस गड्ढे की खुदाई शुरू कर दी। कानाराम 30 सितम्बर को लापता हुए थे। इस संबंध में 2 अक्टूबर को उनके भाई ने वीकेआई थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। एसीपी फूल चंद मीणा ने बताया कि लापता काना राम के खिलाफ 3-4 चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। पिछले साल वीकेआई थाने में चोरी के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जहां से कुछ माह पहले ही जेल से छूटकर आया था।


 



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सवाई माधोपुर. रणथंभौर में इलाके (टेरेटरी) को लेकर बाघों का ‘रण’थम नहीं रहा। सोमवार सुबह दो बाघ टी-57 और टी-58 भिड़ गए। काफी देर तक हुए मुकाबले में दोनों बाघ घायल हो गए और फिर पीछे हट गए। हालांकि, दावा यह भी किया जा रहा है कि बाघिन नूर टी-39 को लेकर दोनों बाघ भिड़े। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की की उम्र लगभग 9 साल है, ऐसे में यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं मानी जा सकती है। विभाग के अधिकारी दोनों बाघों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। अधिपत्य को लेकर 4 बार बाघ आमने-सामने आ चुके हैं रणथंभौर में इस साल 10 माह में इलाके पर अधिपत्य को लेकर 4 बार बाघ आमने-सामने आ चुके हैं। इन संघर्ष में दो बाघ की मौत हो चुकी है। जबकि तीन घायल हुए। सोमवार को हुआ यह संघर्ष सोलेश्वर महादेव के पास हुआ। यह एरिया जोन नंबर 6 में आता है और यह बाघ टी-57 का इलाका है। बाघ टी-58 का इलाका जोन नंबर 7 व 8 है। इलाके में घुसपैठ के कारण यह टकराव हुआ: वन अधिकारी एसीएफ संजीव शर्मा ने बताया कि दोनों बाघों का इलाका एकदम अलग है। सामान्य रूप से ये एक दूसरे के इलाके में नहीं जाते हैं, लेकिन एक-दूसरे के इलाके में घुसपैठ के कारण यह टकराव हुआ। इस प्रकार की घटना बाघों एवं रणथंभौर की दुनिया में आम बात है। सुबह की पारी में पर्यटक को वन भ्रमण पर ले जाया गया तो ये दोनों बाघ लड़ते हुए दिखाई दिए।
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